इस होली ऐसा करना, कि;
रंग चढ़े इंसानियत का...
पकवान में हो सहजता की मिठास...
गले मिलो अपना-पराया भूलकर...
सम हैं हम का रहे अहसास।
इस होली ऐसा करना, कि;
आक्रोश कम न हो वीरों की शहादत का...
भूलें न हम पुरखों का इतिहास...
ज़िम्मेदारी निभाऐं पर्यावरण के प्रति..
रहे सदा ये पावन पर्व सबसे खास।
©noopurpathak
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