Skip to main content

मैं वो नहीं जो तुमने चाहा होगा..

 मैं वो सब नहीं जो तुमने चाहा होगा;
मैं वो हूँ, जो मैंने जिया है।

मैं हुस्न नहीं, 
बस परछाई-सी हूँ।
मैं गीत नहीं,
इक नज़्म बुदबुदाई-सी हूँ।
मैं हँसी नहीं,
मुसकुराहट गुनगुनाई-सी हूँ।
मैं तस्वीर नहीं,
यादों की सुनवाई-सी हूँ।
मैं बस दिल नहीं,
हर एहसास छलकाई-सी हूँ।

मैं वो नहीं जो तुमने चाहा होगा..

©noopurpathak

Comments